Misc छत्तीसगढ़ बजट 2020-21 | राजीव गांधी किसान न्याय योजना – किसानों को...

छत्तीसगढ़ बजट 2020-21 | राजीव गांधी किसान न्याय योजना – किसानों को प्रति क्विंटल पर 2,500 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने 3 मार्च 2020 को राज्य का बजट पेश कर दिया है जिसमें हर वर्ग व क्षेत्र के लिए कुछ ना कुछ घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई है। छत्तीसगढ़ बजट 2020-21 में किसानों को राहत देते हुए 5,100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जिसके माध्यम से प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना 2020 (Chhattisgarh Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana) को शुरू किया जाएगा। इस सरकारी योजना में किसानों को उनकी प्रति क्विंटल धान की फसल पर 2,500 रुपए का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना (CG Mukhyamantri Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana) से केंद्र सरकार की 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के सपने को भी सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ बजट 2020-21 में सीएम भूपेश बघेल ने कुल 95,650 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए हैं।

जैसा की आप जानते है की लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election) के पहले राहुल गांधी ने इस राजीव गांधी किसान न्याय योजना 2020 (Chhattisgarh CM Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana – CMRGKNY) का ऐलान किया था। सीजी बजट 2020 पेश करते समय मुख्यमंत्री ने यह भी बताया की उनके लिए राज्य का निर्माण सबसे पहले है जो बिना किसानों के हित के बारे में सोच कर पूरा नहीं किया जा सकता और साथ ही चिकित्सा, शिक्षा को भी बेहतर बनाने पर आगे काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया की सीएम राजीव गांधी किसान न्याय योजना (CG Mukhyamantri Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana – RGKNY) से पहले राज्य सरकार ने 17 लाख 34 हजार किसानों का कर्ज माफ किया है। उन्होंने बस्तर में कुपोषण से जंग लड़ने के लिए परिवारों को गुड़ और चना देने की भी घोषणा की तथा इसके लिए बजट में 171 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ बजट सत्र 2020-21 विशेषताएँ

सीजी बजट सत्र 2020-21 की मुख्य बातें (Chhattisgarh Budget 2020-21 Highlights & Important Points) क्या रहीं और किस-किस के लिए कौनसी योजनाओं की शुरुआत की गई इसकी जानकारी निम्न्लिखित है:

  • गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ : स्वस्थ और सुपोषित नई युवा पीढ़ी का निर्माण। जिसके तहत राज्य के सभी परिवारों को सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शामिल किया गया है। जिसमें प्रदेश के 65 लाख 22 हजार राशन कार्डधारी है और कुल लाभान्वित जनसंख्या 2 करोड़ 43 लाख है। इन राशन कार्डाें पर चावल प्रदाय हेतु 3 हजार 410 करोड़ रूपये का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में प्रति परिवार को 2 किलो चना वितरण के लिए 171 करोड़ का प्रावधान है। बस्तर संभाग में प्रति परिवार को 2 किलो गुड़ वितरण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
  • सिंचाई : बस्तर संभाग में बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से 2 लाख 66 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • नरवा गरूवा घुरूवा बारी कार्यक्रम : के तहत 912 नालों पर नरवा उपचार के लिये 20 हजार 810 कार्यों को स्वीकृत किया गया है।
  • नए फूड पार्क के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान : राज्य में नए फूड पार्क के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 1,603 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
  • मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लिए 150 करोड़ का प्रावधान है। सब्जियों के लिए छत्तीसगढ़ में फूड पार्क बनाए जाएंगे। बस्तर में फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा।

इसके अलावा निराश्रितों, बुजुर्गाें, विधवा महिलाओं एवं नि:शक्त व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिये सामाजिक सुरक्षा और कल्याण से 352 करोड़, वृद्धावस्था पेंशन योजना में 185 करोड़ और मुख्यमंत्री पेंशन योजना मेें 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 68 करोड़ तथा सुुखद सहारा योजना में 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

दिव्यांगजनों के लिये नि:शक्तजन पुनर्वास केन्द्र, मादक द्रव्यों एवं पदार्थाें की रोकथाम एवं नशामुक्ति केन्द्र का संचालन तथा तृतीय लिंग समुदाय से संबंधित योजनाओं हेतु 5 करोड़ 30 लाख का प्रावधान किया गया है। असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मण्डल हेतु 38 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। ठेका मजदूर, घरेलू कामकाजी महिला एवं हम्माल कल्याण मण्डल हेतु 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

केंद्र सरकार ने कहा कि किसानों को बोनस नहीं दे सकते। लेकिन हम किसानों को धान का मूल्य 2500 रुपए देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

समर्थन मूल्य से अंतर की राशि ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के अंतर्गत देंगे।

किसानों का हित सर्वोपरि है।#HamarCGBudget2020 pic.twitter.com/BTKOUurc6N

— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 3, 2020

इसके साथ-साथ अन्य क्षेत्रों व कार्यों जैसे की आर्थिक स्थिति, स्वच्छ पेयजल, शैक्षणिक विकास-स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, श्रम एवं समाज कल्याण, युवा कल्याण, औद्योगिक विकास, वन संपदा, नगरीय प्रशासन एवं विकास, अजा, अजजा व अन्य पिछड़े वर्गाें का कल्याण, शिल्प, कला, संस्कृति एवं पर्यटन, राजस्व प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं न्याय व्यवस्था, अधोसंरचना विकास, परिवहन, विद्युतीकरण आदि के लिए भी बजट में राशि आवंटित की गई है।