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राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2020 – उद्योग शुरू करने के लिए नई रिप्स नीति

राजस्थान सरकार ने वर्ष 2014 से प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन योजना चला रखी है। यह सरकारी योजना मुख्यत उन क्षेत्रों व लोगों को ध्यान में रख कर बनाई गई थी जो नई इकाई लगाना चाहते हैं या फिर पहले से लगी हुई उपक्रम व इकाइयों में निवेश करके उन्हे और भी ज्यादा विकसित करना चाहते हैं। अब राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (Rajasthan Investment Promotion Scheme) के अनुसार नीतियों में कुछ बदलाव करना चाहती हैं जिसकी जानकारी उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने दी और बताया की देश की सबसे बेहतर और रियायती योजना होगी।

पहले की मुख्यमंत्री निवेश प्रोत्साहन योजना (Rajasthan Investment Promotion Scheme – RIPS) में कुछ खामियाँ थी जिसमें लोगों को निवेश करने से संबंधित बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। राज निवेश प्रोत्साहन योजना में अधिक सरल, सहज, औद्योगोन्मुखी व रोजगारपरक औद्योगिक नीति को लागू किया जाएगा जिससे किसी भी उद्यमी को निवेश करने में कठनाइयों का सामना ना करना पड़े। इसका सीधा मतलब अब कोई भी राज्य में आकर उद्योग लगा सकता है जो पहले आसान नहीं था।

उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री मीणा सीतापुरा के जेईसीसी में जयपुर संभाग की उद्योग विभाग-एक संवाद कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे जहां पर उन्होने बताया की सरकार पहली बार उद्योगपतियों से संभाग स्तर पर जाकर सीधे बात कर रही है। अब उद्योगों को परमिशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जहां पहले उद्यमी को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।

मुख्यमंत्री निवेश प्रोत्साहन योजना

सीएम अशोक गहलोत का पूरा फोकस उद्योग विभाग पर चल रहा है। जिसके अनुसार अधिक से अधिक रियायतें व सुविधाएं देने की पहल उनकी सरकार करने जा रही है। उन्होंने बताया उनकी सरकार की पहली वर्षगांठ पर उद्यमियों को उद्योग नीति, रिप्स नीति, वन स्टॉप शॉप जैसे तोहफे देने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों व इससे जुड़ी संस्थाओं को कार्यप्रणाली में बदलाव लाने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास व निवेश निगम (RIICO) क्षेत्र में सीवरेज, पानी, सड़क, लाइट जैसी समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही सीतापुरा में सीईपीटी प्लांट लगाने के लिए भी रीको को निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उद्योग विभाग से एक संवाद में यह सामने आया की रीको, विद्युत, प्रदूषण बोर्ड, पानी, रेवेन्यू से संबंधित समस्याएं थी जिनको अब नई नीति में सुधार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त समस्याओं का समाधान समयवद्ध कार्ययोजना बनाकर कराना शुरु कर दिया है।

इसके अलावा ब्रीज फायनेन्स, सुविधा परिषद को पावरफुल बनाने, एमएसएमई इकाइयों के उत्पादों को राजसिको के माध्यम से सिंगल टैण्डर पर सरकारी खरीद की व्यवस्था करना, उद्योगों से संबंधित संस्थाओं में औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों को नामित करने, सीईपीटी व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर की व्यवस्था, ईएसआई हॉस्पिटल, फोरलेन कनेक्टिविटी, इलेक्टि्रक वाहनों के लिए चार्जिंग सिस्टम डेवलोप करने के लिए अनुदान आदि की व्यवस्था के भी सुझाव दिए गए।

राज निवेश प्रोत्साहन योजना लाभ व विशेषताएँ

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2014 (Rajasthan Investment Promotion Scheme – RIPS) के अन्तर्गत निम्नानुसार लाभों के लिए प्रावधान किए गए थे:

  • मुद्रांक शुल्क एवं भू-रूपान्तरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट
  • विद्युत कर, मण्डी शुल्क एवं भूमि कर में 50 प्रतिशत की छूट (सात वर्षों के लिए)
  • 30 प्रतिशत निवेश अनुदान व 20 प्रतिशत रोजगार सृजन अनुदान (सात वर्षों के लिए)
  • 5 से 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए 5 वर्ष तक।
  • टेक्सटाइल, एग्रो प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग एवं बायोटेक्नोलॉजी इकाइयों को ईटीपी स्थापना पर 20 प्रतिशत पूंजी अनुदान
  • पिछडे एवं अति पिछडे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने पर अतिरिक्त लाभ
  • उद्यमों को कस्टमाईज पैकेज स्वीकृत होने पर अन्य लाभ
  • योजना में अंकित थ्रस्ट सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र-15, सेवा क्षेत्र-3) उद्यम आदि के लिए भी अतिरिक्त लाभ
  • महिला/अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए अतिरिक्त लाभ प्रस्तावित है।
  • पिछडा एवं अतिपिछडा क्षेत्रों में किये गये निवेश पर भी अतिरिक्त लाभ का प्रावधान है।
  • एक निश्चित सीमा से अधिक निवेश करने एवं रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को कस्टमाईज पैकेज स्वीकृत करने का प्रावधान भी किया गया है।

सीएम निवेश प्रोत्साहन योजना – थ्रस्ट सेक्टर्स

सरकार की इस योजना (RIPS Scheme) में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिनके लिए विशेष प्रावधान हैं जिनकी सूची आप नीचे देख सकते हैं:

  1. सिरेमिक्स व ग्लास
  2. डेयरी
  3. एम.एस.एम.ई.
  4. ई.एस.डी.एम. (इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन मैन्यूफैक्चरिंग)
  5. फार्मास्यूटीकल
  6. प्लास्टिक टू ऑइल मैन्यूफैक्चरिंग
  7. टेक्सटाइल
  8. इण्डस्ट्रियल गैसेज
  9. डिफेन्स
  10. आई टी एण्ड रोबोटिक्स
  11. बायोटेक्नोलोजी
  12. कोटा स्टोन मार्बल एण्ड ग्रेनाईट
  13. डिसालिनेशन
  14. एग्रो प्रोसेसिंग एण्ड एग्रो मार्केटिंग
  15. फूड प्रोसेसिंग
  16. आईटी
  17. बायोटेक्नोलोजी
  18. ट्यूरिज्म

किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए आप आरआईपीएस की आधिकारिक rips.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं या फिर ईमेल आईडी [email protected] और 0141-2227727 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।