Misc सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाने की योजना, महिला सुरक्षा पर...

सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाने की योजना, महिला सुरक्षा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों को देखते हुए बहुत बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत देशभर के सभी थानों में मोदी सरकार ने महिला हेल्प डेस्क बनाने की योजना के निर्देश दे दिये हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहें आपराधिक घटनाओं को देखते हुए बनाए जाने वाले हेल्प डेस्क के लिए सरकार ने फंड भी जारी कर दिया है। जैसा की आप सभी जानते हैं की अभी हाल ही में हुए हैदराबाद कांड और इससे पहले महिलाओं के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाओं ने देश के लोगों के गुस्से को बढ़ा दिया है और लोगों की मांग भी थी की सरकार जल्द से जल्द कोई कदम उठाए।

महिला सुरक्षा पर मोदी सरकार का यह फैसला सराहनीय तो है पर हमारे देश के प्रधानमंत्री जी को और भी बड़े कदम उठाने होंगे जिससे भविष्य में भी ऐसे काम को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले पर लोगों की मानें तो ऐसे अपराधों में मौत की सजा से कम सजा तो होनी ही नहीं चाहिए।

महिला हेल्प डेस्क बनाने की योजना को देश में सभी राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों में भी शुरू किया जाएगा। अभी के लिए इस योजना में 100 करोड़ की राशि निर्भया फंड से मंजूर की गई है और आने वाले समय में इसे बढ़ाया जा सकता है।

महिला हेल्प डेस्क बनाने की योजना

देश में महिलाओं के लिए पुलिस स्टेशनों को अनुकूल और पहुंच योग्य बनाने के लिए महिला सहायता डेस्क बनाने का फैसला लिया गया है। जिससे कोई भी महिला पुलिस थाने में अपनी शिकायत इन महिला डेस्कों पर कर सकेंगी। इन महिला डेस्कों पर केवल महिला पुलिस कर्मी अधिकारी को ही तैनात किया जाएगा यानि उनका वहाँ पर होना अनिवार्य होगा। महिला हेल्प डेस्क के अधिकारियों को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

Ministry of Home Affairs has sanctioned Rs 100 crores from ‘Nirbhaya’ Fund for setting up and strengthening of Women Help Desks in Police Stations. The scheme to be implemented by the States and Union Territories. pic.twitter.com/xATmFpgqyw

— ANI (@ANI) December 5, 2019

ये हेल्प डेस्क कानूनी सहायता, परामर्श, आश्रय, पुनर्वास और प्रशिक्षण आदि की सुविधा देने के लिए वकीलों, मनोवैज्ञानिकों, गैर सरकारी संगठनों और विशेषज्ञों के पैनल को सूचीबद्ध करेगी। इन सभी का इस्तेमाल महिलाओं की मदद करने में किया जा सकेगा। बता दें केंद्र का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में एक के बाद एक महिलाओं के साथ रेप और बर्बर तरीके से हत्या के मामले सामने आ रहे हैं पूरे देश में इन घटनाओं के कारण रोष व्याप्त है।

आप लोग ऐसी घटनाओं के बारे में कमेंट करके अपने सुझाव बता सकते हैं सरकार को और क्या-क्या करना चाहिए जिससे की ऐसी घटनाओं में रोक लगाई जा सके।