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हरियाणा कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना 2019 – किसानों का 4750 करोड़ रुपये का ब्याज और जुर्माना माफ

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के करीब 10 लाख किसानों को राज्य में आने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा तोहफा दे दिया है। उन्होने जिन भी किसानों ने सहकारी बैंकों से कर्ज ले रखा है उनके लिए कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना 2019 (Interest and Penalty on crop Loans waiver scheme) का ऐलान कर दिया है। इस सरकारी योजना के तहत ऋण पर लगने वाले ब्याज और जुर्माने (Haryana Govt Crop Loan Interest Penalty Waiver Scheme) की करीब 4750 करोड़ रूपये की राशि राज्य सरकार द्वारा माफ कर दी जाएगी।

जिन भी किसानों ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (DCCB) और हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास बैंक (LMB) से फसल ऋण लिया हुआ है उन सभी किसानों के ऊपर लगने वाले जुर्माने और ब्याज (CM Crop Loan Interest Penalty Waiver Scheme in Haryana) को खट्टर सरकार माफ कर देगी।

मुख्यमंत्री ने जन सभा को संबोधित करते हुए यह भी बताया कि मुख्यमंत्री कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना हरियाणा (Mukhyamantri Crop Loan Interest Penalty Waiver Scheme in Haryana) का लाभ लेने के लिए किसानों को तीन महीने में सहकारी बैंकों से लिए गए कर्ज की मूल राशि जमा करानी होगी। जिसके लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर 2019 रखी गई है।

हरियाणा कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना

सरकारी आकड़ों के अनुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (Primary agriculture cooperative societies – PACS) से लगभग 13 लाख किसानों ने फसल ऋण ले रखा है, जिनमें से 8.25 लाख किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। फसली ऋण (Haryana CM Crop Loan Interest Penalty Waiver Scheme) का भुगतान किसानों द्वारा समय पर नहीं होने से उन पर 5% की दर से ब्याज पर पेनल्टी लगाई जाती थी, जिसको अब पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा। 4% राज्य सरकार द्वारा और नाबार्ड के 3% प्रतिशत ब्याज की दर में से 1.5 प्रतिशत प्रदेश सरकार और 1.5 प्रतिशत पैक्स अपने स्तर पर वहन करेगा। मुख्यमंत्री कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना से पैक्स के ऋणी किसानों को इस घोषणा से लगभग 2500 करोड़ रूपये तक का लाभ मिलेगा।

Haryana CM Announced 4750 Cr Package Debt Ridden Farmers

सीएम कृषि ऋण एकमुश्त समाधान योजना 2019

सहकारी बैंकों से प्रदेश में 85 हजार किसानों ने ऋण लिए हुए हैं, जिनकी मूल ऋण राशि 1800 करोड़ रुपये के करीब बनती है, जिनमें से 32 हजार किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। जिन किसानों ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से 5 लाख रुपये तक का ऋण लिया हुआ है, उन्हें 2% ब्याज दर में छूट, पांच से दस लाख रुपये तक के ऋण वाले किसानों को 5% ब्याज दर में छूट और 10 लाख से अधिक के ऋण के लिए 10 प्रतिशत ब्याज दर में छूट दी जाएगी। जिसके साथ ही किसानों का चक्रवृद्धि ब्याज पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा।

तीसरी श्रेणी उन किसानों की है जिन्होने लैंड मॉरगेज बैंकों से ऋण लिए हुआ है भूमि सुधार एवं विकास बैंक (लैंड मॉरगेज बैंक) से लगभग 1.10 लाख किसानों ने फसल पर ऋण लिया हुआ है, जिनमें से 70 हजार किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं। इन किसानों की मूल कर्ज राशि 750 करोड़ रुपये की है और ब्याज व जुर्माने की राशि अगर मिला दे तो कुल 1400 करोड़ रूपये देय बनती है। इन बैंकों के किसानों का भी पूरा पैनल ब्याज माफ कर दिया जाएगा। केवल सामान्य ब्याज का 50% ही किसानों को देना होगा, शेष 50% राज्य सरकार वहन करेगी। इससे लगभग किसानों को 450 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।