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रिजर्व बैंक NEFT / RTGS ट्रांसेक्शन बैंक पेमेंट चार्ज हटे – देखें नए भुगतान चार्ज

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) की गुरुवार को हुई मुद्रा नीति पर होने वाली समीक्षा बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती का फैसला किया। जिसके बाद बैंकों द्वारा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की दो बड़ी प्रणाली नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) पर लगने वाले चार्ज को या तो खत्म कर दिया हैं या कम कर दिया है। आरबीआई ने ग्राहकों पर फ़ंड ट्रान्सफर पर लगने वाले चार्ज को इसलिए कम किया है जिससे की आगे आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जा सके।

जैसा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश में डिजिटल ट्रांसक्शन या लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए नये-नये कदम उठा रहे हैं और देश के नागरिकों को भी डिजिटल लेन-देन को इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं। अगर डिजिटल ट्रांसक्शन बढ़ेगा तो देश में पारदर्शिता भी बढ़ेगी जिससे भ्रष्टाचार भी खत्म होगा।

आरबीआई के इस फैसले से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी क्यूंकि रेपो रेट में कमी के वजह से मकान, वाहन या अन्य लोन की मासिक किस्त (EMI) कम होगी। RBI ने सभी बैंको को भी निर्देश जारी कर दिये हैं की वे जल्द से जल्द एनईएफटी और आरटीजीएस पर लगने वाले शुल्क को खत्म करें।

1.NEFT / RTGS के वर्तमान चार्ज

अभी तक आरटीजीएस और एनईएफटी द्वारा पैसे का लेन-देन करने पर चार्ज लगता था। बड़े बैंक 2 लाख से 5 लाख रुपए तक की आरटीजीएस के लिए 25 रुपए चार्ज लगते थे इसके अलावा टाइम वैरिंग चार्ज अलग से लगता था और 5 लाख रुपए से अधिक के ट्रांसेक्शन पर 50 रुपए का चार्ज लगाते थे। 8 घंटे से 11 घंटे तक के टाइम वैरिंग पर बैंक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेता था, जबकि 11 घंटे से 13 घंटे के लिए 2 रुपए, 13 घंटे से 16.30 घंटे के लिए 5 रुपए और 16.30 घंटे से ज्यादा के लिए 10 रुपए अतिरिक्त चार्ज लेते थे।

रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर दोनों ही बैंको के एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर करने की तकनीक है। जिससे व्यक्तिगत खाताधाकों या समूह में ग्राहकों को पैसे भुगतान किए जाते हैं।

2.नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) नये चार्ज

एनईएफटी के तहत 2 लाख रुपए तक के फंड ट्रांसफर किए जा सकते हैं। NEFT के तहत अगर आप इंटरनेट बैंकिंग के जरिये 10,000 रूपये तक भेजते हैं तो आपको 1 रूपये + GST देना होगा, 10,000 से 1,00,000 के बीच 2 रूपये + जीएसटी, 1 लाख से 2 लाख 3 रूपये + जीएसटी और 2 लाख से ऊपर 5 रूपये + GST देना होगा। इसके अलावा अगर आप बैंक शाखा में जाकर NEFT के माध्यम से पैसे भेजना चाहते हैं तो 10,000 रूपये तक 2.50 + जीएसटी, 10,000 से 1,00,000 तक 5 रूपये + जीएसटी, 1 लाख से 2 लाख के बीच 15 रूपये + GST और 2 लाख से ऊपर 25 रूपये + जीएसटी देना होगा।

3.रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) नये चार्ज

RTGS में पैसे भेजने के लिए कम से कम 2 लाख की सीमा है, ज़्यादातर आरटीजीएस का इस्तेमाल ज्यादा अमाउंट में पैसे भेजने के लिए किया जाता है। आरटीजीएस में इंटरनेट बैंकिंग से 2 लाख से 5 लाख के बीच पैसे भेजने पर 5 रूपये + जीएसटी, 5 लाख से ऊपर 10 रूपये + GST लगता है। इसके अलावा अगर आप बैंक शाखा से पैसे भेजते हैं तो 25 रूपये और 50 रूपये + जीएसटी के साथ लगेंगे।

इसके अलावा RBI ने बैंक फंड ट्रांसफर में IMPS पर लगने वाले ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं बदले। IMPS पर बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले चार्ज वैसे की वैसे ही हैं। नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिग का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग आजकल आईएमपीएस (Immediate Payment Service – IMPS) सेवा का इस्तेमाल करते हैं। आईएमपीएस नई तकनीक है जिससे एक बटन दबाते ही दूसरे खाते में पैसों का भुगतान मिनटों में हो जाता है और दूसरी तरफ एनईएफ़टी और आरटीजीएस के जरिए थोड़ा वक्त लगता है।